श्रीमद्भागवत गीता हिंदी में सम्पूर्ण PDF | Shrimadbhagavat Gita in Hindi Free PDF Download

Shrimadbhagavat Gita in Hindi: जीवन के हर सवालों के जवाब देने वाले ग्रंथ में से सबसे सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ सनातन धर्म का मात्र एक है श्रीमद्भगवद्गीता यह एक ऐसा ग्रंथ है जिसमें हम इंसान अपने हर समस्या के समाधान को प्राप्त कर सकते हैं जीवन के वह रास्ते ढूंढ सकते हैं इस किताब की मदद से जो हम कभी सोच भी नहीं सकते। श्रीमद् भागवत गीता के नियमों को अपने जीवन में अपनाने से बहुत ही प्रभावी रूप से बदलाव होता है

आज के इस पोस्ट में हम आपको Shrimad Bhagavat Gita in Hindi Free PDF में संपूर्ण कथा को आप पढ़ सकते हैं यहां तक कि आप यहां से इस shri bhagwat geeta in hindi pdf किताब को पूरा डाउनलोड कर सकते हैं जिसका हम लिंक नीचे आपको देंगे उससे पहले आइए जानते हैं श्रीमद्भागवत गीता को अपने जीवन में अपनाने से क्या-क्या लाभ मिलेगा।

Shrimadbhagavat Gita in Hindi Free PDF Download

इस पोस्ट में हम गीता प्रेस गोरखपुर गोविंद भवन कार्यालय कोलकाता का संस्थान के द्वारा तैयार किया गया यह पुस्तक आपके साथ शेयर कर रहे हैं जिसमें श्री गीता जी का महिमा का वर्णन किया गया है और आप इस ईश्वर रूपी ग्रंथ को पढ़कर अपने जीवन में ईश्वर रुपए बदलाव कर सकते हैं।

PDF TypeShrimadbhagavat Gita in Hindi Free PDF Download
LanguageHindi
PDF Size6.8 MB
PDF Pages1299 Pages
Hindi PDFBhagavad Gita in Hindi Free PDF Download
TypeDownloadable
SourcesGoogle Drive

श्रीमद् भागवत गीता पढ़ने के फायदे

वास्तव में श्रीमद् भागवत गीता का वाणी द्वारा वर्णन करने के लिए किसी की भी सामर्थ्य नहीं है क्योंकि यह एक ऐसा परम रहस्यमई ग्रंथ है। इसमें संपूर्ण वेदों का सार सार संग्रह किया गया है इसकी संस्कृत इतनी सुंदर और सरल है कि थोड़ा अभ्यास करने से मनुष्य उसको सहज ही समझ सकता है।

परंतु इसका आशय इतना गंभीर है, कि आजीवन निरंतर अभ्यास करते रहने पर भी उसका अंत नहीं आता प्रतिदिन नए-नए भाव उत्पन्न होते रहते हैं। इससे यह सदैव नवीन बना रहता है, एवं एकाग्रचित होकर श्रद्धा भक्ति सहित विचार करने से इसके पद पद में परम रहस्य भरा हुआ प्रत्यक्ष प्रतीत होता है।

भगवान के गुण प्रभाव और मर्मका वर्णन जिस प्रकार इस गीता शास्त्र में किया गया है वैसा अन्य ग में मिलना जटिल है क्योंकि प्राय ग में कुछ न कुछ सांसारिक विषय मिलता रहता है, भगवान ने श्रीमद् भागवत गीता रूप एक ऐसा अनुपमेय शास्त्र कहा है, की जिसमें एक भी शब्द सदउपदेश खाली नहीं है, श्री वेदव्यास जी ने महाभारत में गीता जी का वर्णन करने के उपरांत कहा है।

गीता सुगीता कर्तव्या किमन्यैः शास्त्रविस्तरैः ।

या स्वयं पद्मनाभस्य मुखपद्माद्विनिःसृता ॥

अर्थात:- गीता सुगीता करने योग्य है अर्थात श्री गीता जी को भली प्रकार पढ़कर अर्थ और भाव सहित अंतःकरण में धारण कर लेना मुख्य कर्तव्य जोकि स्वयं पद्मनाभ भगवान श्री विष्णु के मुखारविंद से निकली हुई अन्य शास्त्रों के विस्तार से क्या प्रयोजन स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने भी इसके महत्व का वर्णन किया है आगे।

Bhagwat Gita in Hindi PDF

विश्व साहित्य में श्रीमद् भागवत गीता अद्वितीय स्थान है साक्षात भगवान के श्री मुख से निश्चित परम रहस्यमई दिव्य वाणी है इसमें स्वयं भगवान ने अर्जुन को निमित्त बनाकर मनुष्य मात्र के कल्याण के लिए उपदेश दिया है इस छोटे से ग्रंथ में भगवान ने अपने हृदय के बहुत ही विलक्षण भाव भर दिए हैं जिनका आज तक कोई पार नहीं पा सका और ना ही पा सकता है.

परम श्रद्धेय स्वामी जी श्री रामसुखदास जी महाराज ने इस आजाद गीता वर्णन में गहरी उतरकर अनेक गुह्मतम को अमूल्य रत्न ढूंढ कर निकाले हैं। जिन्हें उन्होंने इस साधक संजीवनी हिंदी टीका के माध्यम से साधकों के कल्याण के लिए उदार हृदय से वितरित किया है

भगवत गीता में भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को क्या उद्देश्य देते हैं?

भगवान श्री कृष्ण भगवत गीता में अर्जुन को पार्थ मानकर यह उद्देश्य देते हैं कि, हे पार्थ तुम रणभूमि में युद्ध के लिए आए हो तो, युद्ध करो यहां पर ना तो कोई तुम्हारा सगा है और ना ही तुम्हारा कोई मित्र और ना ही कोई तुम्हारा सखा संबंधी।

Bhagwat geeta in hindi pdf मे क्या है?

श्रीमद भगवत गीता के इस पुस्तक में आप सभी को भगवत गीता के सभी अर्थ सहित श्लोक दिए गए हैं जिसको आप नीचे दिए गए लिंक की मदद से पूरी बुक को डाउनलोड कर सकते हैं और आप श्रीमद्भगवद्गीता अपने मोबाइल में सेव कर हमेशा के लिए रख सकते हैं और आसानी से पढ़ सकते हैं.

परं भूयः प्रवक्ष्यामि ज्ञानानां ज्ञानमुत्तमम् |
यज्ज्ञात्वा मुनयः सर्वे परां सिद्धिमितो गताः ||

अर्थ: श्रीकृष्ण भगवान बोले – “मैं पुनः ज्ञान का उत्कृष्ट ज्ञान करने जा रहा हूँ, जिसको जानकर सभी मुनिगण सम्पूर्ण सिद्धियों की प्राप्ति को प्राप्त हो गए हैं॥”

न मे विदुः सुरगणाः प्रभवं न महर्षयः |
अहमादिर्हि देवानां महर्षीणां च सर्वशः ||

अर्थ: “देवताओं में भी मेरी उत्पत्ति को नहीं जानते, न ही महर्षिगण में। क्योंकि मैं ही देवताओं का आदि और सभी महर्षियों का भी आदि हूँ॥”

यो मामजमनादिं च वेत्ति लोकमहेश्वरम् |
असम्मूढः स मर्त्येषु सर्वपापैः प्रमुच्यते ||

अर्थ: “जो कोई मुझे अजन्मा और आदि अवस्था वाला, लोकों के महेश्वर को जानता है, वह मनुष्यों में मूढ़ नहीं होता और सम्पूर्ण पापों से मुक्त हो जाता है॥”

बुद्धिर्ज्ञानमसम्मोहः क्षमा सत्यं दमः शमः |
सुखं दुःखं भवोऽभावो भयं चाभयमेव च ||

अर्थ: “बुद्धि, ज्ञान, असम्मोह, क्षमा, सत्य, दम, शम, सुख, दुःख, भव, अभाव, भय और अभय – ये सभी मनुष्य के गुण हैं॥”

अहिंसा समता तुष्टिस्तपो दानं यशोऽयशः |
भवन्ति भावा भूतानां मत्त एव पृथग्विधाः ||

अर्थ: “अहिंसा, समता, तुष्टि, तप, दान, यश, अयश – ये सभी भूतों के भाव होते हैं, परन्तु वास्तविकता में सभी मेरे ही विभिन्न प्रकार के होते हैं॥”

महर्षयः सप्त पूर्वे चत्वारो मनवस्तथा |
मद्भावा मानसा जाता येषां लोक इमा: प्रजा: ||

अर्थ: “मेरे भाव से उत्पन्न हुए सप्त महर्षि और चार मनु – ये वे सब हैं, जिनसे इस संसार की जनता उत्पन्न होती है॥”

एतां विभूतिं योगं च मम यो वेत्ति तत्त्वतः |
सोऽविकम्पेन योगेन युज्यते नात्र संशयः ||

अर्थ: “जो व्यक्ति मेरी इस विशेष विभूति और योग को तत्वतः जानता है, वह अविचलित मन से योग में युक्त होता है, इसमें कोई संदेह नहीं है॥”

अहं सर्वस्य प्रभवो मत्त: सर्वं प्रवर्तते |
इति मत्वा भजन्ते मां बुधा भावसमन्विता: ||

अर्थ: “मैं सबका उत्पत्ति कारण हूँ, मेरे अधीन सब कुछ प्रवृत्ति करता है। इस रूप में जानकर बुद्धिमान भक्तजन मुझे भावों सहित भजते हैं॥”

मच्चित्ता मद्गतप्राणा बोधयन्तः परस्परम् |
कथयन्तश्च मां नित्यं तुष्यन्ति च रमन्ति च ||

अर्थ: “मेरे में मन लगाए हुए, मेरे प्राणों का संरक्षण करने वाले, परस्पर मत में रत रहने वाले, नित्य भगवद्विषयक चर्चा करने वाले और मेरे लीलाओं में आनंदित होने वाले भक्तजन मुझे प्रिय होते हैं और सुखी भी होते हैं॥”

How to Download Bhagwat Gita in Hindi PDF

  • इस वीडियो को डाउनलोड करने के लिए हम नीचे कुछ इंपॉर्टेंट लिंक दे रहे हैं.
  • इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आपको 15 से 20 सेकंड का इंतजार करना होगा.
  • इसके बाद आपके सामने डाउनलोड करने का बटन जो होगा उस पर क्लिक करना है.
  • डाउनलोड वाले बटन पर क्लिक करने के बाद आपके मोबाइल फोन में या कंप्यूटर में यह फाइल डाउनलोड हो जाएगा बिल्कुल सुरक्षित.
Download Now

निष्कर्ष:

श्रीमद भगवत गीता के संपूर्ण सहारा और संपूर्ण श्लोक सहित हमने इस पोस्ट में आपको Shrimadbhagavat Gita in Hindi Free PDF बुक की सभी डिटेल से दे रखे हैं, Bhagwat Gita in Hindi PDF जिसको आप नीचे दिए गए लिंक की मदद से डाउनलोड कर सकते हैं और सभी श्लोक अर्थ सहित हिंदी में पढ़ सकते हैं यदि आपके कोई सवाल यह सुझाव तो आप हमें कमेंट में लिखकर जरूर.

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अक्सर पूछें जाने वाले प्रश्न:

भगवत गीता में श्री कृष्ण अर्जुन को क्या उपदेश देते हैं?

भगवान श्री कृष्ण भगवत गीता के अध्याय अर्जुन को उपदेश देते हैं हे पार्थ रणभूमि तुम्हारा कोई भी सगा नहीं और ना ही कोई संबंधी रणभूमि में तुम्हारे सामने तुम्हारे दुश्मन करें और इनसे तुम्हें युद्ध करना ही होगा अन्यथा तुम्हें मार देंगे.

भगवत गीता पढ़ने से क्या फायदे होते हैं?

भगवत गीता ग्रंथ को पढ़ने से आपके जीवन में अनेक प्रभाव जिसमें आपकी दृढ़ शक्ति आत्म बल बढ़ता है इच्छा शक्ति बढ़ती है मन पर संतुलन बनाए रखने की शक्ति मिलती है और भी ऐसे तमाम आपको ज्ञान मिलेंगे जो इस महान भगवत गीता में ही प्राप्त होगी.

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